मृतक के परिजनों, स्थानीय लोगों ने शराब बंद करने को कहा

शराब विक्रेताओं जांच कराने की बात कही

हातमा निवासी अशोक मिर्धा 70 वर्षीय की मौत हो गई। 29 तारीख को तबियत खराब हुई। उनके परिवार वालों ने बताया कि शराब पीने के बाद दिन के दो बजे उल्टी हुई, जिसके बाद वे सो गये। शाम सात बजे उनकी मौत हो गई। वे सीएम हाउस में नौकरी करता था। उसका तीन बेटा और दो बेटी है। सभी श्रमिक है, जो मेहनत मजदूरी करते हैं। 29 को तबियत खराब हुई फिर उल्टी होने के बाद सो गये। शाम में सात बजे मौत हो गई।

पिंटू ठाकुर 28 वर्षीय, को 29 तारीख को 12:30 दिन में तबियत खराब हुई। तब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां तीन बार उल्टी हुई और दवा खाने के बाद भी तबियत ठीक नहीं होने के बाद तीन बजे रिम्स ले जाया गया। शाम पांच बजे उनकी मौत हो गई। उनकी पत्नी बसंती देवी है, 2008 में उनकी शादी हुई थी। वे नाई का काम करते थे और पत्नी दाई का काम करती है। उनके दो बच्चे हैं। लड़का रौनक ठाकुर तथा लड़की नंदिनी कुमारी। शराब की बुरी लत के कारण उनकी पत्नी से अक्सर लड़ाई झगड़ा चलता रहता था। इसी वजह से उसकी पत्नी उसके साथ नहीं रहती थी। अब उसे चार हजार रुपये की आमदनी तथा रूम रेंट के साथ अपने दो बच्चों को लेकर रहना होगा।

विजय मिर्धा, 43 वर्षीय की तबियत 28 को खराब हुई। 29 को अस्पताल ले जाया गया। ईलाज के क्रम में दो बजे एसएस मेमोरिय अस्पताल में हो गई। उनकी पत्नी शीला देवी ने कहा कि उनकी मौत जहरिली शराब पीने से हुई। उनकी दो बेटी लक्ष्मी देवी तथा नैना देवी हैं। विजय मिर्द्ध सीएम आवास में काम करते थे पत्नी कचरा चुनने का काम करती है। उनके पिता छोटन मिर्धा हैं, जो शराब बेचते है।

बिल्लू मिर्धा, 54 वर्षीय की मौत रविवार को सुबह हो गई। आठ बजे चाय पीने के बाद रविवार को उनकी तबीयत खराब हो गई। उल्टी करने के बाद बिस्तर पर लेट गये। दस बजे दिन में उनकी मौत घर में ही हो गई। उनकी पत्नी कंदना देवी के साथ चार लड़के व दो लड़कियां हैं। सभी मजदूरी कर अपने जीवन बसर कर रहे थे। सुबह से ही बच्चे पिता का इंतजार मेहमानी जाने के लिए कर रहे थे। कि उनकी मौत की सूचना सुन बच्चे अचंभित हो गये।

फुलमणि देवी कि स्थिति गंभीर है। देर रात तक रिम्स में उसका ईलाज जारी रहा। फुलमणि देवी का उम्र 55 है। उनकी पोती रेखा देवी है, जो अपनी दादी का सेवा करती थी। पिछली रात ही वो अपनी दादी के तेल लगायी और वे सोयी लेकिन सुबह से ही उनकी स्थिति बिगड़ने लगी।

उमलेन हैम्ब्रोम
हरिया दारू घर में पीने के लिये व मेहमानों को पिलाने के लिए बनाते है। पूर्वजों के जमाने से यही होता आया है।

शुक्रा उरांव
महंगी अंग्रेजी शराब न तो पी सकते है और न ही मेहमानों को पिला सकते है। मजबूरी है शराब बनाना।

छोटन मिर्धा
शराब पीकर आये दिनों मौत होती रहती है। लेकिन नशा इस कदर हावी है कि लोग पीने के लिए आमदा रहते है।

रमेश मंडल: घटिया गुणवत्ता वाले शराब का अत्यधिक मात्रा में यहां बनायी जाती है, जो आये दिनों लोगों की जानंे ले रही है।

आकाश: शराब पीकर परिवार वालों में रोज लड़ाई-झगड़ा होता रहता है। इसमें घर कि महिलाएं अधिक मार खातीं हंै।

गोलू मिर्धा: सुबह से ही लोग शारब पीकर बदमाशी करना शुरू कर देते हैं और रात में तो माहौल नरक के सामान हो जाता है।

रेशमा देवी: उपर बस्ती के कारन नीचे बस्ती के भी लोग बिगड़ रहे हैं। नीचे वाले बस्ती में लोग पढ़ाई लिखाई करते है।

बच्चन मिर्धा: सुबह में शराब पीये थे। लेकिन अभी तक वैसा कुछ नहीं हुआ है। डॉक्टर ने कहा कि अभी सब अच्छा है।

द्वारिक मिर्धा: मौत की खबर पाकर मेरे घर वाले मुझे जांच कराने यहां ले आये हैं। हालांकि, मुझे अभी तक वैसा कुछ नहीं हुआ है।

बिनोद मिर्धा: अधिक शराब जरूर पीये है लेकिन हमरी स्थिति बेहतर है। किसी प्रकार का साइटइफेट्क अभी तक नहीं दिखा है।

डॉक्टरों ने की जांच
डॉ एस मंडल: जानकारी मिलते ही डॉक्टरों की टीम तुरंत हातमा पहुंच कर जांच में लग गई। जांच में गंभीर स्थिति कि पुष्टि नहीं हुई है। डॉ विक्रम: सरकारी की और से हर तरह की दवाएं की व्यवस्था कर दी गई है। जैसी भी स्थिति होगी डॉक्टरों की टीम उसके लिए तैयार है।

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