बंद को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, चप्पे-चप्पे पर थी पुलिस

सुबह से ही डीसी, एसएसपी सड़कों पर घूमकर ले रहे थे सुरक्षा व्यवस्था का जायजा

रांची: सोमवार को भारत बंद के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे। बंद से निपटने के लिए दर्जनों दंडाधिकारी के साथ 1000 हजार जवानों की अतिरिक्त तैनाती की गयी थी। सुबह से ही पुलिस के जवान मोर्चा संभाले हुये थे। बंद के दौरान उपद्रवियों से निपटने के लिए जैप, रैप, जिला पुलिस के जवान विभिन्न चौक-चौराहों पर गश्ती कर रहे थे। कंट्रोल रूम से पूरी राजधानी का पल-पल का अपडेट मिल रहा था। इसके अलावा सीसीटीवी, ड्रोन से भी उपद्रवियों पर नजर रखा जा रहा था।

इसकी मोनिटरिंग एसएसपी एवं सिटी एसपी स्वयं कर रहे थे। वहीं, सुबह से ही डीसी राय महापत रे, एसएसपी संजय रंजन, सिटी एसपी अमन कुमार घूमघूम कर संवेदनशील इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा ले रहे थे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात जवानों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। पुलिस की चुश्ती का ही असर था कि कहीं से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। बंद समर्थकों को सड़क पर निकलते ही गिरफ्तार कर कैंप जेल भेज दिया गया। रांची में शाम चार बजे तक 535 बंद समर्थकों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के डर से दुबके रहे उपद्रवी
बंद की आड़ में सार्वजनिक अथवा निजी वाहनों में तोड़फोड़ करने वाले उपद्रवियों की इस बार एक ना चली। सुबह से ही शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर दंडाधिकारी के नेतृत्व में भाड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी थी। सुरक्षा के तगड़े व्यवस्था को देखकर उपद्रवी घरों में ही दुबके रहे।

बस स्टैंड में ही लगी रही लंबी दूरी की बसें
बंद को देखते हुये लंबी दूरी की बसे नहीं चली। अधिकांश बसें बस स्टैंड में ही लगी रही। कांटाटोली बस स्टैंड और आइटीआइ बस स्टैंड में सन्नाटा पसरा रहा। कई यात्री बस पकड़ने तो आये लेकिन जानकारी मिली कि बस नहीं चलेगी तो मायूस हो कर लौट गये। इधर, बंद का असर शहर में भी देखते को मिली। सड़कों पर आम दिनों के अपेक्षा बहुत कम गाड़ियां चली। इक्का-दुक्का ऑटो ही दिखायी दिये। इस कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोगों को पांव पैदल ही गंतव्य तक जाना पड़ा।

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