चुनावी घोषणा के बाद एनडीए और महागठबंधन ने नही की है प्रत्याशियों की घोषणा

झारखंड के 14 सीटों पर जानिये पक्ष-विपक्ष की ओर किस पार्टी की है दावेदारी

रांची। चुनाव आयोग द्वारा लोकसभा चुनाव को लेकर तारीखों की घोषणा कर दी गई है। झारखंड के 14 लोकसभा सीटों पर चार चरणों वोटिंग होगी। झारखंड के सभी सीटों का का समीकरणा अलग-अलग है। लोकसभा सीटों पर महागठबंधन की ओर से उम्मीदवार कौन होगा सीट शेयरींग को लेकर मामला उलझा हुआ है। यही कारण है कि महागठबंधन होने के बावजूद यूपीए की ओर से सीटों की घोषणा नहीं की जा रही है। ऐसी उम्मीद है कि सप्ताह भर के अंदर महागठबंधन की ओर से सीटो की घोषणा कर दी जायेगी। वहीं इसके विपरीत भाजपा समर्थित एनडीए गठबंधन ने अपने सहयोगी दल आजसू को एक सीट गोड्डा देकर अपने कर्तव्यों का इतिश्री कर लिया है। हलाकि राजग द्वारा कौन प्रत्याशी किस सीट से चुनाव लड़ेगा इसकी घोषणा नहीं किया गया है। भाजपा सूत्रों की माने तो इस चुनाव में कुछ सांसदों की टिकट कट सकती है।

इधर राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि सीटों की शेयरिंग को लेकर महागठबंधन में किसी तरह का विवाद उत्पन्न होता है तो कांग्रेस कुछ सीटों का त्याग कर सकती है। महागठबंधन में सबसे ज्यादा विवाद गोड्डा लोकसभा सीट को लेकर है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि विवाद नहीं बढ़े इसको देखते हुए कांग्रेस इस सीट को छोड़कर जेवीएम के खाते में डाल सकती है। इस सीट पर कांग्रेस और झाविमो दोनों ही दवा कर रहे थे। झाविमो किसी भी कीमत पर इस सीट को छोड़ना नहीं चाहती है। चुनाव आयोग की घोषणा के अनुसार झारखंड होनेवाले चुनाव के प्रथम चरण में 29 अप्रैल को तीन सीटों पर, दूसरे चरण में 06 मई को चार सीटों पर, तीसरे चरण में 12 मई को चार सीटों पर और चौथे चरण में 19 मई को तीन सीटों पर मतदान होना तय है। 23 मई को वोटों की गिनती की जाएगी।

पक्ष-विपक्ष की ओर से संभावित उम्मीदवार, घोषणा बाकी——-
वर्तमान राजनीति परिपेक्ष्य में देखे तो चुनावी घोषणा के बाद रांची लोकसभा सीट से महागठबंधन की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय चुनाव लड़ सकते है। दूसरी ओर भाजपा ने उम्मीदवार नहीं बदला तो इस बार भी रामटहल चौधरी प्रत्याशी हो सकते है। राज्य की उप राजधानी दुमका की सीट झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के कब्जे में है। महागठबंधन बनने की स्थिति में इस बार भी वहीं प्रत्याशी होगे। इसके विपरीत भाजपा की ओर से प्रत्याशी के रूप में प्रो.शर्मिला सोरेन, मंत्री लुईस मरांडी और सुनील सोरेन के नाम का चर्चा है। जहां तक कोडरमा लोकसभा सीट का सवाल है तो अभीतक बने राजनीतिक समीकरण के तहत महागठबंधन की ओर झाविमो सुप्रिमो बाबूलाल मरांडी हो सकते है उम्मीदवार। वहीं इस सीट से माले भी अपना उम्मीदवार देने की घोषणा कर चुकी है। भाजपा की ओर से उम्मीदवार के रूप में डॉ. रवींद्र राय के अलावा प्रणव वर्मा और नीरा यादव का नाम भी चर्चा में है।

महागठबंधन में कांग्रेस ने अगर झामुमो के लिए जमशेदपुर सीट छोड़ा तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अजय कुमार घनबाद से चुनाव लड़ सकते है। वहीं भाजपा की ओर से उम्र का हवाला देकर पीएन सिंह का टिकट कटा तो चंद्रशोखर अग्रवाल एवं सरयू राय में से कोई एक भाजपा प्रतयाशी हो सकता है। खूंटी सीट से भाजपा के कड़िया मुंडा सांसद है। उम्र के लिहाज से अगर इनका टिकट कटा तो पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा या नीलकंठ सिंह मुंडा में से कोइ एक प्रत्याशी हो सकता है। महागठबंधन में यह सीट कांग्रेस की खाते गई तो इस सीट से पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप बलमुचू हो सकते है उम्मीदवार। वहीं महागठबंधन की ओर से यह सीट झामुमो के खाते में गई तो पौलुस सुरीन प्रत्याशी हो सकते है। महागठबंधन के तहत जमशेदपुर सीट कांग्रेस को देने पर विचार बना था लेकिन झामुमो इस सीट को लेकर अड़ा हुआ है। इस सीट से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ अजय कुमार तैयारी कर रहे थे लेकिन अब झामुमो कुणाल षाडंगी, सुमन महतो या सविता महतो को प्रत्याशी बना सकता है।

हजारीबाग सीट से भाजपा ने जयंत सिन्हा को फिर आजमाया तो इनका सीधा मुकाबला कांग्रेस से होगा। कांग्रेस की ओर इस सीट के लिए शिवलाल महतो, योगेन्द्र साव एवं गोपाल साहू के नाम की चर्चा है। वहीं भाजपा की ओर से जयंत सिन्हा के अलावा मनीष जायसवाल और यदुनाथ पांडेय के नाम भी प्रत्याशी के रूप में चर्चा में है। इसके अलावा महागठबंधन के तहत चतरा लोकसभा सीट राजद के खाते में जा सकती है। संभावित प्रत्याशी के रूप में सुभाष यादव हैं। इस सीट पर अभी भाजपा के सुनील सिंह का कब्जा है। महागठबंधन के अंदर गोड्डा सीट को लेकर सबसे ज्यादा विवाद था। वर्तमान समय में कांग्रेस ने अपना रूख नरम कर लिया है। यहां से झाविमो के प्रदीप यादव को महागठबंधन की ओर से टिकट देने पर लगभग सहमति बन गई है। वर्तमान समय में इस सीट पर भाजपा के निशिकांत दुबे का कब्जा है।

गिरिडिीह सीट पर आजसू और झामुमो में के बीच मुकाबला तय है। इस सीट पर आजसू से मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी, डॉ. लंबोदर महतो, राजकिशोर महतो तथा यूसी मेहता की नाम की चर्चा है। महागठबंधन की ओर से यह सीट झामुमो के खाते में जाएगा। यहां से जगन्नाथ महतो पार्टी के उम्मीदवार हो सकते हैं। मथुरा महतो और जयप्रकाश भाई पटेल के नाम की भी चर्चा है। लोहरदगा सीट से महागठबंधन की ओर से कांग्रेस की दावेदारी है। पूर्व सांसद रामेश्वर उरांव, पूर्व पुलिस अधिकारी अरुण उरांव, एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत प्रत्याशी की दौड़ में हैं। वर्तमान समय में भाजपा के सुदर्शन भगत केंद्रीय मंत्री अभी यहां के सांसद हैं।

सिंहभूम से अभी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ सांसद हैं। पूर्व सीएम मधु कोड़ा की पत्नी गीता कोड़ा को हराया था। इस बार भी कांग्रेस की ओर से गीता कोड़ा का प्रत्याशी बनना तय है। भाजपा से जेबी तुबिद भी टिकट के लिए जोर लगा रहे हैं। पलामू एससी सीट है। इस सीट से महागठबंधन की ओर से पूर्व डीजीपी राजीव कुमार को कांग्रेस से टिकट मिलने की उम्मीद है। इस सीट पर राजद भी अड़ा हुआ है। अभी यहां से भाजपा की ओर से पूर्व डीजीपी बीडी राम सांसद हैं। राजमहल सीट पर झामुमो और भाजपा के बीच मुकबला है। वर्तमान समय में यह सीट झामुमो के विजय हांसदा के कब्जे में है। इस बार भी हांसदा को ही टिकट मिलना तय है। भाजपा से हेमलाल, ताला मरांडी के नाम चर्चा में हैं।

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