प्रधानमंत्री ने कांग्रेस द्वारा लगाये बेरोजगारी के आरोप को खारिज किया

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में पर्याप्त रोजगारों का सृजन नहीं करने के कांग्रेस के केंद्र सरकार पर आरोप सोमवार को खारिज किए। मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के साथ पर्सनल सेक्टर पर भी बल दे रही है।मोदी ने ‘नमो एप’ के जरिए भाजपा युवामोर्चा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की।

मोदी ने भाजपा कार्यकर्ता के एक सवाल के जवाब में कहा, ”सार्वजनिक और निजी क्षेत्र पर जोर देने के साथ हम रोजगार पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। आधारभूत संरचना परियोजनाओं पर काम की गति बढ़ी है।” उन्होंने कहा कि सरकार की पहल की वजह से भारत विदेशी निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ स्थान के रूप में उभरा है और कई क्रेडिट एजेंसियों ने इसे स्वीकृत किया है।

उन्होंने कहा, ”भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) अपने उच्चतम स्तर तक पहुंच गया है जो लगातार बढ़ रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि मुद्रा योजना के तहत कर्नाटक के युवाओं को 1.27 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया।उन्होंने कहा, ”यह अब तक वितरित कुल मुद्रा ऋण का 11 प्रतिशत है। युवा न केवल आत्मनिर्भर बन रहे हैं बल्कि दूसरों के लिए नौकरियों का सृजन कर रहे हैं।” मोदी ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में ईपीएफओ खातों में भारी वृद्धि देखी गई।

उन्होंने कहा, ”नोटबंदी और जीएसटी के कारण औपचारिक क्षेत्र में बड़ा बदलाव हुआ है। सामाजिक क्षेत्र के श्रमिकों को उचित लाभ मिल रहा है। ईपीएफओ खातों के आंकड़े साबित करते हैं कि औपचारिक क्षेत्र में वृद्धि हुई है।” मोदी ने रोजगारों के सृजन को लेकर कांग्रेस के आरोपों को षडयंत्र करार देते हुए कहा कि विपक्षी दल भाजपा सरकार पर आरोप लगा रही है क्योंकि वह अपने 10 साल के शासन में कुछ नहीं कर सकी।

उन्होंने कहा, ”कांग्रेस के पास अपनी उपलब्धियां गिनाने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने 60 सालों तक देश पर शासन किया और रोजगार के लिए क्या किया। अगर रोजगार है तो यह हमारी सरकार के चार सालों के कारण है। इसलिए यह हम पर आरोप लगातार झूठ फैला रहे हैं।” मोदी ने कहा कि कांग्रेस झूठ फैला रही है और अपनी असफलताओं को राजग सरकार पर डालने के लिए षड्यंत्र रच रही है।

मोदी ने देश में रोजगार सृजन को ‘सबसे बड़ी समस्या’ करार देते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 2014 में हर साल दो करोड़ रोजगारों के सृजन के के वादे को पूरा नहीं करने पर केंद्र सरकार को निशाना बनाते रहे हैं।
देशभर में राजनीतिक हिंसा की बढ़ती घटनाओं पर एक सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे लोकतंत्र में राजनीतिक हिंसा के लिए कोई जगह नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, ”मैंने देखा है कि कुछ राज्यों में ऐसी हिंसा बढ़ रही है। कर्नाटक में भी हमने देखा है कि हमारे कार्यकर्ताओं की कितनी क्रूरता से हत्या हुई है। यह निंदाजनक है।” उन्होंने कहा, ”लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक दल या विचारधारा द्वारा किसी भी रूप में हिंसा की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और मैं कर्नाटक में भाजपा के युवा कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे राजनीतिक हिंसा में अपने कई कार्यकर्ताओं को खोने के बावजूद बदला लेने का काम नहीं करें।”

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