ओबीसी बैंक घोटाला? पंजाब के सीएम अमरिंदर के दामाद गुरपाल समेत 13 पर केस

नई दिल्ली: पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में अवैध एलओयू जारी कर हेराफेरी करने और कलम बनाने वाली रोटोमैक की ओर से कर्ज लेने में की गई हेराफेरी के बाद इसी तरह का एक और घोटाला सामने आया है। ताज़ा मामले में देश की सबसे बड़ी चीनी मिलों में से एक हापुड़ की सिम्भावली शुगर्स लिमिटेड के अधिकारियों के खिलाफ ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) ने सीबीआई में शिकायत करवाया है। सीबीआई ने हापुड़ स्थित एक शुगर मिल और उसके अधिकारियों के खिलाफ करीब 110 (109.08) करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का केस कर्ज किया है।

सीबीआई की एफआईआर में सिंभावली शुगर मिल- हापुड़, गुरमीत सिंह मान, चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर, गुरपाल सिंह, डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर, जीएससी, सीईओ, संजय टपरिया- सीएफओ, गुरसिमरन कौर मान- एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर- कमर्शियल, 5 नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और अन्य को आरोपी बनाया गया है।

सीबीआई ने ये मुकदमा ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) की शिकायत पर दर्ज किया है। इसमें गुरपाल सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के दामाद हैं। मामले में आरोप है कि चीनी मिल ने 2012 में 5700 गन्ना किसानों को पैसे देने के नाम पर ओरिएंटल बैंक से 150 करोड़ रुपये का लोन लिया, लेकिन इस पैसे को किसानों को देने की बज़ाय निजी इस्तेमाल में खर्च किया। फिर मार्च 2015 में ये लोन एनपीए में बदल गया। उसके बाद भी बैंक ने इस मिल को 109 करोड़ का कॉरपोरेट लोन भी मंज़ूर कर दिया, जो पिछला ब़काया चुकाने के लिए लिया गया। बाद में लोन की ये ऱकम भी एनपीए में बदल गई।

शिकायत में कहा गया है कि ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स ने सिंभावली शुगर्स को गन्ना किसानों को ईख की खेती करने के लिए कर्ज देने की मंजूरी दी थी। बीएसई में सूचीबद्ध ये चीनी मिल, शुद्ध चीनी, सफेद चीनी, क्रिस्टल चीनी और विशेष चीनी का उत्पादन करती है। भारतीय रिजर्व बैंक (जुलाई 2011) द्वारा जारी किए गए एक परिपत्र के आधार पर साल 2012 में बैंक ने इस लोन को स्वीकृति दे दी गई।ि

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