व्रत या उपवास रखना कितना है फायदेमंद ?????

विज्ञान ये बात बहुत पहले मान चुका है कि व्रत या उपवास रखना शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है। व्रत रखने से आपके शरीर को ये लाभ मिलते हैं।सप्ताह में कम से कम एक दिन व्रत रहने से आप दिल की बीमारियों से बचे रहते हैं। दरअसल व्रत रहने से आपके शरीर का ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल कंट्रोल में रहता है। ये दोनों ही कारक दिल की बीमारियों के लिए जिम्मेदार होते हैं। इससे कोरोनरी आर्टरी डिजीज का खतरा बहुत हद तक कम हो जाता है। इसके अलावा व्रत से आपके शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल भी कम होता है।

आजकल के खान-पान की वजह से अंजाने में आपके सेल्स में ढेर सारे विषैले तत्व और गंदगियां जमा होती रहती हैं। ऐसे में अगर आप सप्ताह में एक दिन का व्रत रखते हैं, तो आपके शरीर से सारी गंदे तत्व निकल जाते हैं।

दुनियाभर में मोटापा एक बड़ी समस्या के रूप में उभर रहा है। मोटापे के कारण दिल की बीमारियां और डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। अगर आप व्रत रखते हैं, तो आपका मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम होती है, जिससे मोटापा घटता है।

व्रत रखने से आपके शरीर में ढेर सारे अच्छे हार्मोन्स का स्राव होता है, जो आमतौर पर रोज भरपेट खाना खाने के कारण कई बार अवरोधित होता है। डायबिटीज से बचाने वाला हार्मोन इंसुलिन भी व्रत रखने से बेहतर होता है, जिससे आपका ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है। इसके अलावा शरीर की लंबाई-चौड़ाई बढ़ाने वाला एचजीएच हार्मोन का स्राव भी व्रत रखने से बेहतर होता है।

व्रत रखने से आपकी रोगों से लड़ने की क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़ती है क्योंकि शरीर में जरूरी हार्मोन्स का स्राव शुरू हो जाता है। व्रत में हल्की और फलाहार की चीजें खाने से अंगों को इन्हें पचाने के लिए कम मेहनत करनी पड़ती है, जिससे उन्हें एक दिन आराम करने का मौका मिलता है। इससे आपके शरीर के सभी अंग लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं और आपका साथ निभाते हैं।

व्रत रखकर आप पेट संबंधी समस्याओं से निजात पा सकते हैं। यदि आपको गैस संबंधी समस्या जैसे- मितली, उल्टी, दस्त, डायरिया, पेशाब में जलन, एसिडिटी इत्यादि जैसी समस्या होती है तो व्रत रखने से ये समस्याएं दूर हो जाती हैं। लेकिन इस दौरान तली-भुनी चीजें ज्यादा न खाएं बल्कि हल्का और पौष्टिक आहार ही खाएं।

व्रत रखना आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर है। दिमाग के कई ऐसे रोग हैं, जिनके लक्षण बहुत सामान्य होते हैं इसलिए उनकी तरफ हमारा ध्यान नहीं जाता है, जैसे- चीजें रखकर भूल जाना, चेहरा न पहचान पाना, काम में ध्यान न लगा पाना आदि। व्रत रखने से आपके मस्तिष्क को ये लाभ मिलते हैं।

व्रत रखने से आपका दिमाग ज्यादा बेहतर काम करता है। सूजन एक गंभीर समस्या है, जो आपके दिमाग को बुरी तरह प्रभावित करती है। व्रत रखने से सूजन की समस्या कम होती है और ऑक्सिडेसिव स्ट्रेस भी कम होता है इसलिए आपका दिमाग बेहतर काम करता है।

आजकल बुढ़ापे में अल्जाइमर की समस्या बहुत आम हो गई है। अल्जाइमर के कारण आपकी याददाश्त कमजोर हो जाती है या चली जाती है और कई अन्य समस्याएं होती हैं। शोध में पाया गया है कि व्रत रखने से अल्जाइमर का खतरा बहुत हद तक कम हो जाता है।

व्रत रखने से आपको मनोवैज्ञानिक लाभ भी होते हैं। शोधों में पाया गया है कि आपके खाने-पीने की आदतों से आपकी इच्छाशक्ति भी प्रभावित होती है क्योंकि हमारा सोचना-समझना भी काफी हद तक हार्मोन्स पर निर्भर करता है। इसलिए व्रत रखने से आपकी इच्छाशक्ति भी मजबूत होती है।

अगर आप व्रत रखते हैं, तो आपकी याददाश्त और एकाग्रता बेहतर होती है, जो लंबे समय तक आपका साथ निभाती है।

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