धर्म पूछने की क्या जरूरत है? : मिनी माथुर दुर्गा चक्रवर्ती

नई दिल्ली:  टीवी प्रस्तोता मिनी माथुर का कहना है कि उनके पति फिल्मकार कबीर खान नास्तिक हैं, जिन्हें माथुर समुदाय में मुसलमानों से भी बुरा माना जाता है। उनका मानना है कि लोगों में जब विश्वास, देशभक्ति और वफादारी आने लगती है तो उनका धर्म नहीं पूछा जाना चाहिए।दूसरे धर्म में विवाह को लेकर रूढ़िवादी विचारों की मौजूदगी के प्रश्न पर मिनी माथुर (41) ने फोन पर आईएएनएस से कहा, ”मुझे लगता है कि इस समय संप्रदायवाद पर जोर दिया जा रहा है। धर्म को लेकर ज्यादा बातें हो रही हैं। मुझे लगता है कि अगली पीढ़ी के लिए धर्म और धार्मिक बातों का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।” उन्होंने कहा, ”लोग दूसरे धर्मों में विवाह कर रहे हैं.. मेरे माता और पिता अलग-अलग धर्मों के हैं और हम सभी धर्मों को मानते हैं।”

मिनी माथुर ने कहा, ”मेरा सबसे अच्छा दोस्त ईसाई है, मेरे पति मुस्लिम हैं। वह आधे राव-तमिल ब्राह्मण और आधे पठान हैं और मैं कायस्थ हूं। हमारे बच्चों का धर्म क्या होगा, नहीं जानती। जैसे-जैसे उनमें विश्वास, देशप्रेम और निष्ठा जागेगी तो किसी को उनसे उनका धर्म नहीं पूछना चाहिए।” मिनी फिलहाल टीएलसी समूह का सीरियल मिनी मी में अपनी बेटी के साथ नजर आ रही हैं। इस कार्यक्रम के लिए मिनी ने अपनी बेटी के साथ यूरोप के छह देशों की यात्रा की। सीरियल की निर्माता भी मिनी हैं।

उन्होंने कहा, ”यह मेरा विचार था और मैंने इसे निजी कारणों से करने का फैसला किया। मैंने कहा कि मैं बिना किसी चैनल, प्रायोजक या किसी कंपनी के बिना जाऊंगी क्योंकि मैं इसमें वास्तविकता चाहती थी। इसे फिल्म, लघु फिल्म, वृत्तचित्र या वेब श्रृंखला के रूप में देख सकेंगे।” मिनी और सायरा ने मां-बेटी के रिश्ते को मजबूत करने का प्रयास करते हुए जर्मनी, फ्रांस, इटली, ग्रीस, मोंटेनेग्रो, क्रोएशिया और स्पेन का दौरा किया।

माता-पिता को अपने बच्चों को समय देने के प्रश्न पर उन्होंने कहा, ”बच्चे होने के बाद आपको यह महसूस करने की जरूरत होती है कि आपके ऊपर जीवनभर की जिम्मेदारी आ गई है और आप इसके लिए मात्र खानापूर्ति नहीं कर सकते।”

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